मैंने प्रयास किया
चार दिन मैं जी लिया
चार पल मैं खुश रहा
काम करता हूँ दफ्तर मैं
सारा नया काम समझ लिया
लेकिन वो ख़ुशी ना मिली जो तब थी
जब मैंने खुद कुछ नया किया
अच्छा लगता है मुझे यह भी करना
लेकिन यह काम ही कुछ और है
मेरा सपना था खुद कुछ करने का
उसे छोड़ के सारा काम कर लिया
वक़्त के साथ मैं भी बढ़ लिया
जो मिला वो ऑफर ले लिया
जो करना था मुझे असल मैं
वो करने का जज्बा कम कर दिया
उस दिन का मुझे इंतज़ार रहेगा
जब मेरा मन यह कहेगा
सर अपना मैं ऊपर कर एक
सपने को पूरा करने चल दिया
आज मुझे वो करने का मन करता है
आज मैंने वो करने का हौसला बना लिया
इस आराम की नौकरी तो त्याग कर मैं
अपना सपना पूरा करने चल दिया
यह दिन जल्दी आये ऐसे मेरी है दुआ
एक अत्यंत प्रज्वलित ज्वाला मैंने
अपने हृदय से जलाने का प्रयास किया
मैं अपनी मंजिल की और बढ लिया
अपनी मंजिल की और बढ लिया
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